📘 Chapter 7
Personal Hygiene
Topic 7.3: Hygiene at School and Workplace
स्कूल और कार्यस्थल में स्वच्छता

अर्थ

स्कूल और कार्यस्थल में स्वच्छता का अर्थ है — जहाँ हम पढ़ते या काम करते हैं वहाँ स्वच्छ वातावरण और अच्छी स्वास्थ्य आदतों को बनाए रखना। स्वच्छ वातावरण ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है, बीमारियों से बचाता है और एक सकारात्मक व पेशेवर छवि प्रस्तुत करता है।


स्कूल में स्वच्छता

  1. कक्षा को साफ रखें: फर्श पर कागज़ या कचरा न फेंकें, कूड़ेदान का सही उपयोग करें।

  2. व्यक्तिगत स्वच्छता: साफ कपड़े पहनें, बाल सँवारे रखें और जूते पॉलिश करें।

  3. हाथों की सफाई: खाना खाने से पहले और शौचालय के बाद हाथ धोएं।

  4. स्वच्छ पानी पिएं: केवल सुरक्षित और स्वच्छ पानी का उपयोग करें।

  5. शौचालय की स्वच्छता: उपयोग के बाद फ्लश करें और दूसरों के लिए साफ रखें।

  6. डेस्क और बेंच की सफाई: अपनी किताबें और स्टेशनरी सुव्यवस्थित रखें।

  7. आसपास की सफाई: स्कूल की सफाई अभियानों और “स्वच्छ भारत” गतिविधियों में भाग लें।

  8. कचरे का सही निपटान: गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बों में डालें।


कार्यस्थल में स्वच्छता

  1. व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें: रोज स्नान करें, साफ कपड़े पहनें और शरीर की दुर्गंध से बचें।

  2. कार्यस्थल की सफाई: अपनी मेज़, कंप्यूटर और उपकरण साफ रखें।

  3. हाथों की सफाई: भोजन या मीटिंग से पहले और बाद में हाथ धोएं या सैनिटाइज़र का प्रयोग करें।

  4. शौचालय और पैंट्री की सफाई: उपयोग के बाद साफ रखें ताकि दूसरों को भी सुविधा हो।

  5. कचरे का सही प्रबंधन: कचरे को निर्धारित डिब्बों में डालें।

  6. कार्यस्थल पर भोजन न करें: खाने के लिए निर्धारित स्थान का ही उपयोग करें।

  7. साझा स्थानों की स्वच्छता: मीटिंग रूम, गलियारे और कैंटीन को साफ रखें।

  8. स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाएं: सहकर्मियों को भी स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करें।


निष्कर्ष

स्कूल और कार्यस्थल में स्वच्छता बनाए रखना न केवल बीमारियों से बचाता है, बल्कि एक स्वस्थ, उत्पादक और सुखद वातावरण बनाता है। स्वच्छता अनुशासन, जिम्मेदारी और सम्मान की पहचान है।

Posted by: Er. Manoj Kumar
Post Date: 13-10-2025 03:48 PM