📘 Chapter 11
Goal Setting
Topic 11.3: SMART Goals
SMART लक्ष्य निर्धारण विधि

SMART लक्ष्य निर्धारण क्या है?

SMART एक संक्षिप्त नाम है जिसका उपयोग स्पष्ट और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य बनाने के लिए किया जाता है। प्रत्येक लक्ष्य इस प्रकार होना चाहिए:

  1. S – Specific (विशिष्ट):

    • स्पष्ट और सटीक हो, अस्पष्ट नहीं।

    • उदाहरण: "मैं हर दिन एक अध्याय पढ़ूँगा" बजाय "मैं अधिक पढ़ूंगा।"

  2. M – Measurable (मापने योग्य):

    • लक्ष्य मापने योग्य होना चाहिए ताकि प्रगति का पता चल सके।

    • उदाहरण: "मैं हर महीने ₹500 बचाऊँगा" बजाय "मैं पैसे बचाऊँगा।"

  3. A – Achievable (प्राप्त करने योग्य):

    • लक्ष्य वास्तविक और प्राप्त करने योग्य होना चाहिए।

    • उदाहरण: "मैं रात्रि भोजन से पहले होमवर्क पूरा करूँगा" बजाय "मैं 5 मिनट में सारा होमवर्क पूरा करूँगा।"

  4. R – Relevant (संगत):

    • लक्ष्य आपके व्यक्तिगत या पेशेवर प्राथमिकताओं के अनुरूप होना चाहिए।

    • उदाहरण: परीक्षा के लिए पढ़ाई करना अच्छे अंक पाने के लिए संगत है।

  5. T – Time-bound (समय-सीमित):

    • लक्ष्य पूरा करने की स्पष्ट समय सीमा होनी चाहिए।

    • उदाहरण: "मैं इस प्रोजेक्ट को शुक्रवार तक पूरा करूँगा" बजाय "मैं इसे कभी पूरा करूँगा।"

SMART लक्ष्यों के लाभ:

  • स्पष्टता और दिशा प्रदान करता है।

  • प्रेरणा बढ़ाता है।

  • प्रगति मापने योग्य बनाता है।

  • ध्यान और योजना बनाने में सुधार करता है।

उदाहरण:
"मैं आज स्कूल के बाद शाम 6 बजे तक अपने गणित का 10 सवालों का असाइनमेंट पूरा करूँगा।"

  • विशिष्ट (Specific): 10 गणित के सवाल पूरे करना

  • मापने योग्य (Measurable): 10 सवाल

  • प्राप्त करने योग्य (Achievable): हाँ, उपलब्ध समय में

  • संगत (Relevant): शैक्षणिक सुधार से संबंधित

  • समय-सीमित (Time-bound): आज शाम 6 बजे तक

Posted by: Er. Manoj Kumar
Post Date: 16-10-2025 04:30 PM