📘 Chapter 2
Conservation of Natural Resources
Topic 2.4: Role of Individuals, Society, and Government
संरक्षण में व्यक्ति, समाज और सरकार की भूमिका

प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में व्यक्ति, समाज और सरकार की भूमिका

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है। इसमें व्यक्ति, समाज और सरकार तीनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।


1. व्यक्ति की भूमिका (Role of Individuals)

हर व्यक्ति अपनी आदतों और व्यवहार के माध्यम से संरक्षण में योगदान दे सकता है।

मुख्य भूमिकाएँ:

  • पानी, बिजली, ईंधन आदि की बर्बादी रोकना

  • 3Rs – Reduce, Reuse, Recycle का पालन करना।

  • पेड़ लगाना और पौधों की देखभाल करना।

  • प्लास्टिक की जगह पर्यावरण-हितैषी वस्तुएँ अपनाना।

  • सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना।

  • बिजली बचाने हेतु अनावश्यक लाइट/फैन बंद रखना।

  • वन्यजीव उत्पादों की खरीद से बचना।

  • परिवार और मित्रों में जागरूकता फैलाना


2. समाज की भूमिका (Role of Society)

समाज मिलकर बड़े स्तर पर संरक्षण कार्य कर सकता है।

मुख्य भूमिकाएँ:

  • सामुदायिक अभियान जैसे सफाई और वृक्षारोपण।

  • पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना।

  • स्कूलों व क्षेत्रों में इको-क्लब बनाना।

  • कचरा प्रबंधन, अलग-अलग डस्टबिन, पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना।

  • पर्यावरण से जुड़े NGO का समर्थन करना।

  • सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना।

  • कॉलोनी में वर्षा जल संचयन को अपनाना।


3. सरकार की भूमिका (Role of Government)

सरकार कानूनों, योजनाओं और नीतियों के माध्यम से संसाधनों की रक्षा करती है।

मुख्य भूमिकाएँ:

  • पर्यावरण संरक्षण हेतु कानून बनाना, जैसे–

    • वन संरक्षण अधिनियम

    • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम

  • राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, बायोस्फीयर रिज़र्व स्थापित करना।

  • नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन) को बढ़ावा देना।

  • स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे जैसी योजनाएँ लागू करना।

  • उद्योगों पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त नियम लागू करना।

  • जल संरक्षण हेतु परियोजनाएँ और बांध बनाना।

  • पर्यावरण अनुसंधान के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।

  • जनता में जागरूकता अभियान चलाना।

Posted by: Er. Manoj Kumar
Post Date: 16-11-2025 03:51 AM