📘 Chapter 1
Introduction to Database Management System
Topic 1.9: Relational Database Model
रिलेशनल डाटाबेस मॉडल

परिचय

  • रिलेशनल डाटाबेस मॉडल सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला डाटाबेस मॉडल है।

  • इस मॉडल में डेटा को तालिकाओं (Tables) के रूप में संग्रहित किया जाता है।

  • प्रत्येक तालिका में पंक्तियाँ (Rows) और स्तंभ (Columns) होते हैं।

  • तालिकाओं के बीच सामान्य फील्ड के माध्यम से संबंध बनाए जाते हैं।


रिलेशनल डाटाबेस मॉडल की उत्पत्ति

  • रिलेशनल डाटाबेस मॉडल को E. F. Codd ने 1970 में प्रस्तावित किया था।

  • यह डेटा को दर्शाने का एक सरल और तार्किक तरीका प्रदान करता है।


रिलेशनल डाटाबेस मॉडल की संरचना

  • टेबल (Table)

    • टेबल में डेटा पंक्तियों और स्तंभों के रूप में संग्रहित होता है।

  • रिकॉर्ड (Row)

    • रिकॉर्ड किसी एक एंटिटी का पूरा डेटा दर्शाता है।

  • फील्ड / एट्रिब्यूट (Column)

    • फील्ड एंटिटी की किसी विशेषता को दर्शाती है।

  • कुंजी (Keys)

    • कुंजी रिकॉर्ड की पहचान और तालिकाओं के बीच संबंध बनाने के लिए उपयोग होती है।


रिलेशनल डाटाबेस मॉडल की कार्यप्रणाली

  • डेटा को एक बड़ी तालिका में रखने के बजाय कई संबंधित तालिकाओं में विभाजित किया जाता है।

  • तालिकाओं के बीच संबंध बनाने के लिए:

    • प्राथमिक कुंजी (Primary Key)

    • विदेशी कुंजी (Foreign Key)
      का उपयोग किया जाता है।

  • एक तालिका में किया गया परिवर्तन संबंधित तालिकाओं में डेटा की संगति बनाए रखता है।


रिलेशनल डाटाबेस मॉडल का उदाहरण

  • Student Table

    • रोल नंबर, नाम, कक्षा

  • Marks Table

    • रोल नंबर, विषय, अंक

  • रोल नंबर दोनों तालिकाओं को जोड़ने वाला सामान्य फील्ड होता है।


रिलेशनल डाटाबेस मॉडल के लाभ

  • समझने और उपयोग करने में आसान।

  • डेटा दोहराव को कम करता है।

  • डेटा की संगति और अखंडता बनाए रखता है।

  • लचीला और संशोधित करने में आसान।

  • शक्तिशाली क्वेरी का समर्थन करता है।

Posted by: Er. Manoj Kumar
Post Date: 22-12-2025 04:33 PM